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जि़ला अस्पतालों में कोरोना के मरीजों के लिए अलग लेबर रूम स्थापित-बलबीर सिंह सिद्धू

जि़ला अस्पतालों में कोरोना के मरीजों के लिए अलग लेबर रूम स्थापित-बलबीर सिंह सिद्धू
  • PublishedJuly 17, 2020

12479 गर्भवती महिलाओं की कोविड के लिए जांच की गई, जिनमें से 118 पॉजि़टिव

सरकारी अस्पतालों में हुए 56 सफल प्रसूतियों में से 20 सामान्य और 36 प्रसूतियां ऑपरेशन के साथ हुए

चंडीगढ़, 17 जुलाई: गर्भवती महिलाओं में कोविड-19 के फैलाव को रोकने को यकीनी बनाने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा पॉजि़टिव पाई जाने वाली गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित प्रसूतियों के लिए सभी जि़ला अस्पतालों में अलग लेबर रूप स्थापित किए गए हैं। इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए गर्भावस्था की तीसरी तिमाही के दौरान कोविड टैस्ट अनिवार्य किया गया है, जिसके अंतर्गत अप्रैल महीने तक 12479 गर्भवती महिलाओं की कोविड के लिए जांच की गई, जिनमें से 118 महिलाएं पॉजि़टिव पाई गईं। पिछले तीन महीनों के दौरान किए गए 56 सफल प्रसूतियों में से 20 सामान्य और 36 प्रसूतियां ऑपरेशन के साथ किए गए। पटियाला जि़ले ने गर्भवती महिलाओं के 1715 टैस्ट करवा कर बेहतरीन कारगुज़ारी दिखाई, जिनमें से 61 महिलाएं पॉजि़टिव पाई गईं।

उन्होंने आगे कहा कि पटियाला जि़ले में अब तक 16 प्रसूतियां सुरक्षित ढंग से की गई हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा अलग लेबर रूम स्थापित करने के अलावा सिविल सर्जनों को इस सम्बन्धी जारी की गई एसओपीज़ के अनुसार जि़ला अस्पतालों में प्रभावित मरीज़ों के लिए एक समर्पित ऑपरेशन थिएटर स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समूचे टीमें क्लिनीकल प्रबंधन, स्क्रीनिंग, ट्रेसिंग और टेस्टिंग आदि ज़रुरी प्रबंधों को यकीनी बनाने के लिए दिन-रात काम कर रही हैं। राज्य सरकार ने कोरोना के मरीज़ों को इलाज सुविधाएं प्रदान कर रहे निजी अस्पतालों की उपचार दरेंं निर्धारित की हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के इस मुश्किल दौर में कोविड-19 के मरीज़ों की जान बचाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कई सख़्त रोकथाम उपाय किए गए हैं और पंजाब ने पड़ोसी राज्यों की तुलना में कोरोना वायरस के मामलों को कारगर ढंग से काबू किया है। स. सिद्धू ने कहा कि अगर हर कोई सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना यकीनी बनाता है तो कोरोना वायरस के सामूहिक फैलाव को आसानी से काबू किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के अलावा पंजाब पहला राज्य है जहाँ मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है, जिससे घनी आबादी में कोरोना के सामूहिक फैलाव को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि भारत कोरोना वायरस से प्रभावित देशों की सूची में अब तीसरे स्थान पर पहुँच गया है और देश के कई राज्य कोरोना वायरस के सामूहिक फैलाव से बुरी तरह प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए राज्य भर में कोविड-19 सम्बन्धी दिशा-निर्देशों की सख़्ती से पालना की ज़रूरत है। उन्होंने इस बात पर तसल्ली ज़ाहिर की कि जब बहुत से निजी अस्पताल कोरोना के मरीज़ों का इलाज करने से इनकार कर रहे थे, तब हमारे सरकारी अस्पतालों ने कोरोना के इस मुश्किल दौर में मरीज़ों को मानक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की।

Written By
The Punjab Wire